इतिहास में 7 अप्रैल के दिन क्या हुआ था | Historical Events On 7th April

Historical Events On 7th April

प्रसिद्ध सितारवादक रविशंकर का बनारस में जन्म आज ही के दिन हुआ। इसके अलावा भी देश विदेश के इतिहास में आज के दिन बहुत कुछ हुआ, आइए जानते हैं आज के इतिहास में यानि 7 अप्रैल के इतिहास में कौनसी और महत्वपूर्ण घटनाएँ घटीं।

इतिहास में 7 अप्रैल के दिन क्या हुआ था – Historical Events On 7th April

7 April History

7 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – Important events of April 7

  • फ्रांस ने 1509 में वेनिस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
  • ब्रिटिश रसायनशास्‍त्री जॉन वाॅकर ने 1827 में माचिस की बिक्री शुरु की।
  • बाबेरियन सोवियत गणराज्य की 1919 में स्थापना।
  • क्रांतिकारी नेता सनयात सेन 1921 में चीनी गणतंत्र के प्रथम राष्ट्रपति बने।
  • इटली ने 1939 में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अल्बानिया पर कब्जा किया।
  • बुकर टी वाशिंगटन 1940 में अमेरिकी डाकटिकट पर छपने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी बने।
  • सीरिया को 1946 में फ्रांस से आजादी मिली।
  • संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य मामलों की एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन की 1948 में स्थापना हुई इसीलिए आज के दिन को “विश्व स्वास्थ्य दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
  • अमेरिकी सेना की एक परियोजना के रूप में 1969 में इंटरनेट का जन्म।
  • अमेरिका के राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने 1978 में विवादास्पद न्यूट्रॉन बम के विकांस और उत्पादन का काम पर रोक लगा दी।
  • अमेरिका ने 1988 में नेवादा परीक्षण केंद्र में परमाणु परीक्षण किया।
  • रवांडा के राष्ट्रपति जुवेनल हेव्यारिमाना एवं बुरुंडी के राष्ट्रपति सिप्रियन न्तायमिटा का किगाली हवाई अड्डे पर 1994 में राकेट हमले में निधन।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस को 1998 से “महिला चिकित्सा दिवस” के रूप में मनाने का विश्व स्वास्थ्य संगठन की घोषणा।
  • भारत में दिल्ली पुलिस ने सन 2000 में करोड़ों रुपए के क्रिकेट मैच फिक्सिंग और सट्टेबाज़ी के रैकेट का पर्दाफाश किया था।
  • ब्राजील से 2000 में विश्व के सबसे छोटे अख़बार ‘योर आनर’ का प्रकाशन प्रारम्भ।
  • अमेरिकी सेना ने 2003 में इराक की राजधानी बगदाद को अपने नियंत्रण में लिया।
  • असम में प्रतिअबंधित उग्रवादी संगठन ‘उल्फा’ ने 2008 को अपना 30वाँ स्थापना दिवस मनाया। दो दिवसीय भारत-अफ्रीका पहली शिखर बैठक नई दिल्ली में प्रारम्भ।

7 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति – Born on 7 April

  • अंग्रेज़ विज्ञानवादी दार्शनिक, ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में ह्वाइट प्रोफेसर थॉमस हिल ग्रीन का 1836 में जन्म हुआ।
  • पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात उर्दू कवि कश्मीरी लाल ज़ाकिर का 1919 में जन्म हुआ।
  • प्रसिद्ध सितार वादक पंडित रवि शंकर का 1920 में जन्म हुआ।
  • क्यूबाई संगीतकार (वाटरमेलन मैन) माँगो सैंटामारिया का 1922 में जन्म हुआ।
  • अभिनेता जितेंद्र का 1942 में जन्‍म हुआ।
7 अप्रैल को हुए निधन – Died on 7 April
  • 2011 में प्रसिद्ध कवि जानकी वल्लभ शास्त्री का निधन।
  • 2014 में हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफ़र वी. के. मूर्ति का निधन।
  • अमेरिकी अभिनेता जियोफरे लेविस का 2015 में निधन।
7 अप्रॅल के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव – Important events and festivities of 7 April
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस
  • महिला चिकित्सा दिवस

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आपको आज के इतिहास के बारे में यानि 7 अप्रैल के इतिहास के बारेमें जानकारी में कोई कमी महसूस हो तो प्लीज हमें बताएं हम उसे ज़रूर अपडेट करेंगे, धन्यवाद।

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शंकराचार्य मंदिर का इतिहास | Shankaracharya Temple History

श्रीनगर हिमालय के समृद्ध हरियाली के बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाने वाला एक स्थान है। जम्मू और कश्मीर कई है उनमे से राज्य का एक बड़ा मंदिर शंकराचार्य मंदिर – Shankaracharya Temple है जिसे “ज्येष्ठेश्वर मंदिर” और ‘पास-पहाड़’ भी कहा जाता है। यह मंदिर बेहद लोकप्रिय और प्रशंसित भगवान शिव को समर्पित है। एक ऐसा मंदिर जो शंकराचार्य पहाड़ी के ऊपर स्थित है, जो जबरवान पर्वत का हिस्सा है। और यह जमीन स्तर से ऊपर 1,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर ऊंचाई से श्रीनगर के खूबसूरत शहर को देखता है।

Shankaracharya Temple

शंकराचार्य मंदिर का इतिहास – Shankaracharya Temple History

राजा गोपादत्‍य ने शंकराचार्य पहाड़ी की चोटी पर एक मंदिर का निर्माण 371 ईसा पूर्व के आसपास किया था। इसलिए जिसके बाद मंदिर का नाम राजा के नाम पर ही रखा गया था।

बाद में आदि शंकराचार्य, इस स्‍थान पर कश्‍मीर यात्रा के दौरान ठहरे थे इसलिए इस मंदिर का गोपादारी से नाम बदलकर शंकराचार्य कर दिया गया था।

कुछ समय पश्‍चात, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डोगरा शासक महाराजा गुलाब सिंह ने मंदिर में पत्थर की सीढ़ियों का निर्माण करवा दिया था। और साथ ही इस मंदिर की मरम्मत की। हिंदुओं का एक धार्मिक स्‍थल होने के अलावा यह मंदिर महान पुरातात्विक महत्‍व भी रखता है।

शंकराचार्य मंदिर को नियमित रूप से तीर्थयात्रियों द्वारा पूजा की जाती है जो लोकप्रिय अमरनाथ यात्रा के दौरान क्षेत्र में जाते हैं। 243 सीढ़िया जो कि इस मंदिर की ओर ले जाते हैं वह बहुत खड़ी नहीं हैं और आसानी से चढ़ सकते हैं।

मंदिर से सुंदर श्रीनगर शहर को देखता है और मंदिर करीब 1000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से भव्य बर्फ वाले पहाड़ों को भी देखा जा सकता है। यह तीर्थ क्षेत्र इस क्षेत्र में सबसे पुराना और कश्मीर घाटी में से एक है।

शंकराचार्य मंदिर का समय – Shankaracharya Temple Time

मंदिर सुबह 6 बजे खुलता है। यहाँ का प्रवेश द्वार सेना के कर्मियों द्वारा संरक्षित है। 5 बजे के बाद मंदिर के भीतर जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन मंदिर 8 बजे तक खुला रहता है।

शंकराचार्य मंदिर में मनानेवाले त्यौहार – Festival of Shankaracharya Temple

यहां शिवरात्रि बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं।

शंकराचार्य मंदिर तक कैसे पहुंचे – How to Reach Shankaracharya Temple

पर्यटकों को इस मंदिर की यात्रा के लिए सेना विभाग से विशेष अनुमति लेनी होगी। जम्मू और श्रीनगर भारत के प्रमुख शहरों हैं और दोनों देश के सभी हिस्सों से गाड़ियों, वायुमार्ग और सड़क द्वारा अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं।

श्रीनगर का आदि शंकराचार्य मंदिर एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मंदिर रहा है और इस प्रकार स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच विशेष महत्व है। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का कई लोगों ने दौरा किया है और श्रीनगर शहर भी कई लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है और यहां कई पर्यटक आते हैं।

मंदिर और उसके आसपास विशाल प्राकृतिक सुंदरता का एक स्थान है और इसलिए इस जगह पर जीवन में एक बार यात्रा करनी ही चाहियें।

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इतिहास में 6 अप्रैल के दिन क्या हुआ था | What Happened on April 6

What Happened on April 6

देश विदेश के इतिहास में 6 अप्रैल को यानि आज के दिन कई महत्वपूर्ण घटनाये दर्ज है। आज उन्हीं महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेमें जानेंगे –

इतिहास में 6 अप्रैल के दिन क्या हुआ था – What Happened on April 6

6 April History
What Happened on April 6

6 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – Important events of April 6

  • राजकुमार खुसरो ने 1606 में अपने पिता मुगल शासक जहांगीर के खिलाफ बगावत की।
  • फ्रांस ने 1672 में नीदरलैंड के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
  • सन 1896 में पहले आधुनिक ओलंपिक की शुरुआत हुई।
  • अमेरिकी नागरिक मैथ्यू हैंसन और राबर्ट पियेरी ने 1909 में पहली बार उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने का दावा किया।
  • प्रथम विश्व युद्ध में अमेरिका ने 1917 में जर्मनी के खिलाफ़ युद्ध की घोषणा की।
  • रोलेट एक्ट के खिलाफ शुरू किए गए सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत महात्मा गांधी जी ने 1919 में पहली अखिल भारतीय हड़ताल का आह्वान किया।
  • इटली में फासिस्टों ने 1924 के चुनाव में भारी जीत दर्ज किया।
  • जापानी विमानों ने 1942 में पहली बार भारत पर बम गिराए।
  • अमेरिका ने 1955 में परमाणु परीक्षण किया।
  • सोवियत संघ ने 1957 में परमाणु परीक्षण किया।
  • भारतीय तैराक मिहिर सेन ने 1966 में पाक जलडमरूमध्य तैर कर पार किया।
  • भारत की राजनीतिक पार्टी “भारतीय जनता पार्टी” की 1980 में आज ही के दिन स्थापना हुई।
  • दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित उपनिवेश फ़ाकलैंड पर 1982 में अर्जेन्टीना ने अधिकार किया।
  • पाकिस्तान ने मीडियम रेंज मिसाइल ‘गौरी बैलिस्टिक’ का 1998 में सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
  • नेपाल में 1999 में पुन: पांच सौ रुपये के भारतीय नोट चलाने की घोषणा।
  • इटली में 2009 में आये 6.3 तीव्रता वाले जबरदस्त भूकंप के कारण लगभग 258 लोगों की मौत।
  • भारत के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और भारत दौरे पर आए अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर ने 2010 में आर्थिक साझेदारी के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • राही सरनोबत ने 2013 को दक्षिण कोरिया के चांगवान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल परिसंघ विश्व कप प्रतियोगिता की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
  • अफ्रीकी देश नाइजीरिया के मिदलू गांव में 2013 में हुए हमले में 11 लोगों की मौत हो गई।

6 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति – Born on 6 April

  • हैदराबाद के अंतिम निज़ाम उस्मान अली खान का 1886 में जन्म।
  • राजनीतिज्ञ प्यारेलाल खण्डेलवाल का 1929 में जन्म।
  • प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेत्री सुचित्रा सेन का 1931 में जन्म।
  • प्रसिद्ध क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर का 1956 में जन्म।
  • बालीवुड अभिनेता संजय सूरी का 1971 में जन्म।
6 अप्रैल को हुए निधन – Died on 6 April
  • सिख धर्मगुरु हर किशन का 1664 में निधन।
  • प्रसिद्ध हिन्दी सेवी और प्रकाशक महाशय राजपाल का 1929 में निधन।
  • पाब्लो पिकासो के समकालीन विश्वविख्यात कलाकार मार्क शागल का 1985 में पेरिस में देहांत।
  • भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा हरियाणा के पूर्व मुख्य मन्त्री चौधरी देवी लाल का 2001 में निधन।
  • बांग्ला लेखिका लीला मजूमदार का 2007 में निधन।

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FORMAL AND INFORMAL LETTERS Introduction: In our lives we need…

FORMAL AND INFORMAL LETTERS
Introduction:
In our lives we need to communicate with people on a daily basis. The easiest way is
to talk to them face to face or over the telephone. Even while speaking we need to be careful
who we are talking to and keeps our conversation either formal or informal, accordingly. Writing
letters is another way of communicating but even while writing letters one is governed by a few
principles of letter writing.
Letter writing can be broadly classified under two headings
(i) Informal or Friendly Letters.
(ii) Formal or Business Letters.
Under this broad framework may fall further subdivisions. Certain rules have to be
followed in writing both friendly as well as business Letters. We shall first provide a simple format
for an informal letter and also a brief description of the rules that should be kept in mind while
writing one.
(i) Informal or Friendly Letter
Informal, friendly or social letters can be written to friends and relations. The tone of such
letters is friendly/intimate and the style is casual and conversational. It may read almost as though
you are talking to the person you are writing to. Such letters can touch on a variety of subjects,
but you should always be careful about your spellings, punctuation and grammar. Remember also
that letters should be written out neatly on a clean sheet of paper.
Given below are the basic rules for writing an informal letter.
(i) Your address: This is your address to which a reply to your letter can be sent.
This is written on the right hand side of the page. Write only your street address
in the first line and then the city, state and code in the second line. As mentioned
above, the most popular format of writing informal letters begins on the right hand
side of the page and then moves towards the left.
(ii) Date: After writing your address, write the date on which the letter was written.
You may follow the format of writing the month first followed by the date and then
the year eg: January, 15, 2007.
(iii) Salutation: Between the date and the salutation you need to leave a line blank.
Then begin your salutation or greeting by addressing the person you are writing to.
Address the person as Dear (the name of the person), My dear…… Put a comma
after the salutation eg Dear Nimmi, If you have begun your letter by writing your
address in the right hand corner then salutation should be written towards the left
side of the page and rest of the letter will also keep towards the left margin.
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(iv) Main text: This is the main body of the letter and begins in the next line just after
the salutation. The main text should be divided into short paragraphs with a blank
line between each paragraph.
(v) Closing: This indicates that the letter has ended. It comes in the line just after the
main text is over and usually ends with Sincerely, Sincerely yours, Affectionately
yours, Thank you etc. Only the first letter of the closing begins with a capital letter.
(vi) Signature: Your signature will come in the next line right after ‘Sincerely yours.’
After having written out the letter, the format for it would look somewhat like the
samples provided below. In the first sample we have followed the block format in
which all of the writing is towards the left margin. In sample 2 we have followed
the second format in which we begin the letter on the right hand side then move
left and then write the closing again towards the right.

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दूसरों की अपेक्षा आपको सफलता यदि देर से मिले तो निराश नहीं होने…

दूसरों की अपेक्षा आपको सफलता यदि देर से मिले तो निराश नहीं होने चाहिये। यह सोचिये की मकान बनने से ज्यादा समय महल बनने में लगता है। – #goodmorningpost #iamrahuljha #rahul #rahuljhanoida #rahuljhanoida

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मीराबाई का सुप्रसिद्ध भजन और कविता | Meerabai Bhajan

“पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।”

यह मीराबाई का सुप्रसिद्ध भजन हम सब ने सुना हैं। मीरा बाई एक बहुत ही प्रसिद्ध और जानी मानी कवियत्री होने के साथ साथ कुष्ण की बहुत बड़ी भक्त थी। जब भी भगवान् श्री कृष्ण की भक्ति की बात आती हैं तो सबसे पहले जुबान पर मीरा बाई का नाम आता हैं जिन्होंने श्री कृष्ण की भक्ति के लिए अपना पूरा जीवन त्याग दिया। Meera Bhajan – मीराबाई के हर भजन और कविता में श्री कृष्ण की भक्ति छलकती हैं। उनके भजन सुनने में सबको अच्छे लगते हैं। तो चलिए आज हम भी मीरा बाई के लिखे भजन और कविताओं को पढ़कर भगवान् श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो जाएंगे।

Meera Bhajan

मीराबाई का सुप्रसिद्ध भजन और कविता – Meera Bhajan

Meera Bhajan

“पायो जी मैंने”

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
वस्तु अमोलक दी म्हारे सतगुरू, किरपा कर अपनायो॥
जनम-जनम की पूँजी पाई, जग में सभी खोवायो।
खरच न खूटै चोर न लूटै, दिन-दिन बढ़त सवायो॥
सत की नाँव खेवटिया सतगुरू, भवसागर तर आयो।
‘मीरा’ के प्रभु गिरिधर नागर, हरख-हरख जस पायो॥

~ मीराबाई

Meera Poem

“सुण लीजो बिनती मोरी”

सुण लीजो बिनती मोरी,
मैं शरण गही प्रभु तेरी।
तुम (तो) पतित अनेक उधारे,
भव सागरसे तारे॥
मैं सबका तो नाम न जानूँ,
कोइ कोई नाम उचारे।
अम्बरीष सुदामा नामा,
तुम पहुँचाये निज धामा॥
ध्रुव जो पाँच वर्ष के बालक,
तुम दरस दिये घनस्यामा।
धना भक्त का खेत जमाया,
भक्त कबिरा का बैल चराया॥
सबरी का जूंठा फल खाया,
तुम काज किये मन भाया।
सदना औ सेना नाईको,
तुम कीन्हा अपनाई॥
करमा की खिचड़ी खाई,
तुम गणि का पार लगाई।
मीरा प्रभु तुमरे रँग राती,
या जानत सब दुनियाई॥

~ मीराबाई

Poem of Meerabai

“कृष्ण मंदिरमों मिराबाई नाचे”

कृष्ण मंदिर में मिराबाई नाचे तो ताल मृदंग रंग चटकी।
पाव में घुंगरू झुमझुम वाजे। तो ताल राखो घुंगटकी॥१॥
नाथ तुम जान है सब घटका मीरा भक्ति करे पर घटकी॥टेक॥
ध्यान धरे मीरा फेर सरनकुं सेवा करे झटपटको।
सालीग्रामकूं तीलक बनायो भाल तिलक बीज टब की॥२॥
बीख कटोरा राजाजी ने भेजो तो संटसंग मीरा हट की।
ले चरणामृत पी गईं मीरा जैसी शीशी अमृत की॥३॥
घरमेंसे एक दारा चली शीरपर घागर और मटकी।
जागो म्हांरा जगपतिरायक हंस बोलो क्यूं नहीं।।
हरि छो जी हिरदा माहिं पट खोलो क्यूं नहीं।।
तन मन सुरति संजो सीस चरणां धरूं।
जहां जहां देखूं म्हारो राम तहां सेवा करूं।।
सदकै करूं जी सरीर जुगै जुग वारणैं।
छोडी छोडी लिखूं सिलाम बहोत करि जानज्यौ।
बंदी हूं खानाजाद महरि करि मानज्यौ।।
हां हो म्हारा नाथ सुनाथ बिलम नहिं कीजिये।
मीरा चरणां की दासि दरस फिर दीजिये।।३।।

~ मीराबाई

Meerabai Poem

“मीरा के होली पद”

फागुन के दिन चार होली खेल मना रे॥
बिन करताल पखावज बाजै अणहदकी झणकार रे।
बिन सुर राग छतीसूं गावै रोम रोम रणकार रे॥
सील संतोखकी केसर घोली प्रेम प्रीत पिचकार रे।
उड़त गुलाल लाल भयो अंबर, बरसत रंग अपार रे॥
घटके सब पट खोल दिये हैं लोकलाज सब डार रे।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर चरणकंवल बलिहार रे॥

~ मीराबाई

Poem of Meerabai

“हरि तुम हरो जन की भीर”

हरि तुम हरो जन की भीर।
द्रोपदी की लाज राखी,
तुरत बढ़ायो चीर॥
भगत कारण रूप नर हरि,
धरयो आप सरीर॥
हिरण्याकुस को मारि लीन्हो,
धरयो नाहिन धीर॥
बूड़तो गजराज राख्यो,
कियौ बाहर नीर॥
दासी मीरा लाल गिरधर,
चरण-कंवल पर सीर॥

~ मीराबाई

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5 अप्रैल का इतिहास | Historical Events on April 5

Historical Events on April 5

दोस्तों आज जानते हैं 5 अप्रैल का इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेंमे, उन लोगों के जन्मदिन के बारेमें जिन्होंने दुनिया में आकर बहुत बड़ा नाम किया साथ ही उन मशहूर लोगों के बारेंमे जो इस दुनिया से चले गए।

5 अप्रैल का इतिहास – Historical Events on April 5

5 April History

5 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – Important events of April 5

  • जेकब रोजरविन ने 1722 में पूर्वी आयरलैंड की खोज की।
  • ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया ने 1843 में हॉगकॉग को ब्रिटिश कॉलनी में शामिल किए जाने की घोषणा की।
  • महात्मा गांधी अपने अनुयायियों के साथ 1930 में नमक कानून तोडऩे के लिए दांडी पहुंचे।
  • भारत स्काउट एण्ड गाइड की स्थापना 1949 को हुई।
  • विस्टन चर्चिल ने 1955 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया।
  • देश में 1957 में पहली बार और दुनिया में पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से केरल में संपन्न चुनाव के बाद कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई और ईएमएस नम्बूदरीपाद ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया।
  • भारत सरकार की ओर से प्रायोजित पहली ‘इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड कंपनी’ की स्थापना 1961 में हुई।
  • नौसेना ने 1964 में पहली बार राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया।
  • सउदी अरब के राजा फैजल की 1975 में हत्या हुई।
  • देश का पहला नौसेना संग्रहालय 1979 में मुम्बई में खुला।
  • अंतरिक्ष यान एसटीएस 37 (अटलांटिस 8) का प्रक्षेपण 1991 में किया गया।
  • मलेशिया में हेंड्रा नामक वायरस से बचाव के लिए 1999 से 8 लाख 30 हजार सुअरों की सामूहिक हत्या करने की शुरुआत की गई।
  • भारत, म्यांमार व थाइलैंड के बीच 2002 में मोरे-कलावा-मांडले सड़क परियोजना पूरी करने हेतु सहमति।
  • अमेरिकी संसद में पाक की आर्थिक मदद में कटौती का प्रस्ताव 2003 में पेश किया।
  • सिंगापुर में 45 भारतीयों को आव्रजन अपराधों में 2006 को गिरफ़्तार किया गया।
  • ईरान ने 2007 में 15 ब्रिटिश नौ सैनिकों को रिहा किया गया।
  • पार्वती ओमनाकुट्टन 2008 में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड बनी।
  • इराक में हुए 2008 में हुए आत्मघाती हमले में तक़रीबन 10 लोग मारे गए।
  • अमेरिकी राज्य वेस्ट वर्जीनिया के कोयला खदान में 2010 को हुए विस्फोट से 22 लोगों की मौत हुयी।
  • लोकसभा में फुटवियर डिजाइन और विकास संस्‍थान विधेयक 2017 में पारित हो गया।

5 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति – Born on 5 April

  • सिक्खों के तीसरे गुरु गुरु अमरदास का जन्म 1479 में हुआ।
  • भारत के प्रथम दलित उप प्रधानमंत्री एवं राजनेता बाबू जग जीवन राम का जन्म 1908 में हुआ।
  • राजनेता रफ़ीक़ ज़करिया का जन्म 1920 में हुआ।
  • ब्रिटिश फुटबॉल खिलाड़ी टॉम फ़िनी का जन्म 1922 में हुआ।
  • ब्रिटिश अभिनेता (मिस्टर बेलवेडर) क्रिस्टोफर ह्युएट्ट का जन्म 1922 में हुआ।
  • अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री गैल स्टोर्म का जन्म 1922 में हुआ।
  • उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल तथा केन्द्रीय निर्माण एवं आवास मंत्रालय में उपमंत्री रहे मो. उस्मान आरिफ़ का जन्म 1923 में हुआ।
  • भारत-अमेरिकी लेखक और वक्ता अनु गर्ग का जन्म 1967 में हुआ।
  • अंतर्जाल पर सक्रिय लेखकों मे अग्रणी रवीन्द्र प्रभात का जन्म 1969 में हुआ।
5 अप्रैल को हुए निधन – Died on 5 April
  • प्रख्यात भारतीय विदुषी महिला और समाज सुधारक पंडिता रमाबाई का निधन 1922 में हुआ था।
  • महात्मा गांधी के करीबी मित्र और समाज सुधारक सी एफ एन्ड्रयूज का 1940 में निधन।
  • गुजराती भाषा के जानेमाने साहित्यकार पन्नालाल पटेल का निधन 1989 में हुआ था।
  • मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या भारती की 1993 में रहस्यमय तरीके से मौत हो गई।
  • इंग्लैंड के गेंदबाज सर एलेक बेडसर का निधन 2010 में हुआ था।
  • अमेरिकी अभिनेत्री जूलिया विल्सन का निधन 2015 में हुआ था।
5 अप्रैल के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव – Important events and festivities of 5 April
  • राष्ट्रीय सामुदायिक दिवस।
  • नेशनल मेरीटाइम डे (भारत)
  • समता दिवस (भारत )

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We hope you are satisfied with the information given above on April 5. Please tell us through your comments, and if you have more information about the history of 5 April i.e. also tell us through the comment that we will update this article.

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